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सुनन नसाई

नंबर 2339

नंबर 2339किताब 22, नंबर 250
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ حَمْزَةَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، عَنْ حَفْصَةَ، قَالَتْ لاَ صِيَامَ لِمَنْ لَمْ يُجْمِعِ الصِّيَامَ قَبْلَ الْفَجْرِ ‏.‏
It was narrated that Hafsah said:"There is no fast for the one who does not intend to fast before dawn
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih MuqufAbu Ghuddah
  • Sahih MuqufAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।