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सुनन नसाई

नंबर 2337

नंबर 2337किताब 22, नंबर 248
أَخْبَرَنِي زَكَرِيَّا بْنُ يَحْيَى، قَالَ حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عِيسَى، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ، قَالَ أَنْبَأَنَا مَعْمَرٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ حَمْزَةَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، عَنْ حَفْصَةَ، قَالَتْ لاَ صِيَامَ لِمَنْ لَمْ يُجْمِعْ قَبْلَ الْفَجْرِ ‏.‏
It was narrated from Hafsah that:"There is no fast for one who does not intend (to fast) before dawn
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih MuqufAbu Ghuddah
  • Sahih MuqufAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।