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सुनन नसाई

नंबर 2327

नंबर 2327किताब 22, नंबर 238
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا وَكِيعٌ، قَالَ حَدَّثَنَا طَلْحَةُ بْنُ يَحْيَى، عَنْ عَمَّتِهِ، عَائِشَةَ بِنْتِ طَلْحَةَ عَنْ عَائِشَةَ أُمِّ الْمُؤْمِنِينَ، قَالَتْ دَخَلَ عَلَىَّ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ذَاتَ يَوْمٍ فَقَالَ ‏"‏ هَلْ عِنْدَكُمْ شَىْءٌ ‏"‏ ‏.‏ قُلْنَا لاَ ‏.‏ قَالَ ‏"‏ فَإِنِّي صَائِمٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah, the mother of the Believers, said:"The Messenger of Allah came to me one day and said: 'Do you have anything (to eat) we said: 'No.' he said: 'Then I am fasting
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAbu Ghuddah
  • Hasan SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।