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सुनन नसाई

नंबर 2325

नंबर 2325किताब 22, नंबर 236
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَرْبٍ، قَالَ حَدَّثَنَا قَاسِمٌ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ طَلْحَةَ بْنِ يَحْيَى، عَنْ عَائِشَةَ بِنْتِ طَلْحَةَ، عَنْ عَائِشَةَ أُمِّ الْمُؤْمِنِينَ، قَالَتْ أَتَانَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَوْمًا فَقُلْنَا أُهْدِيَ لَنَا حَيْسٌ قَدْ جَعَلْنَا لَكَ مِنْهُ نَصِيبًا ‏.‏ فَقَالَ ‏ "‏ إِنِّي صَائِمٌ ‏"‏ ‏.‏ فَأَفْطَرَ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"The Messenger of Allah came to us one day and we said: 'We have been given some Hais and we set aside some for you.' He said: 'I am fasting, but he broke his fast
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAbu Ghuddah
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।