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सुनन नसाई

नंबर 2321

नंबर 2321किताब 22, नंबर 232
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ يَزِيدَ، قَالَ حَدَّثَنَا سَلَمَةُ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ لِرَجُلٍ ‏ "‏ أَذِّنْ - يَوْمَ عَاشُورَاءَ - مَنْ كَانَ أَكَلَ فَلْيُتِمَّ بَقِيَّةَ يَوْمِهِ وَمَنْ لَمْ يَكُنْ أَكَلَ فَلْيَصُمْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Yazid said:"Salamah told us that the Messenger of Allah said to a man: 'Announce the day of Ashura. Whoever has eaten let him not eat for the rest of the day, and whoever has not eaten, let him fast
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।