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सुनन नसाई

नंबर 2300

नंबर 2300किताब 22, नंबर 211
أَخْبَرَنَا عِمْرَانُ بْنُ بَكَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ خَالِدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ، عَنْ عِمْرَانَ بْنِ أَبِي أَنَسٍ، عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ يَسَارٍ، وَحَنْظَلَةَ بْنِ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَانِي جَمِيعًا، عَنْ حَمْزَةَ بْنِ عَمْرٍو، قَالَ كُنْتُ أَسْرُدُ الصِّيَامَ عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي أَسْرُدُ الصِّيَامَ فِي السَّفَرِ فَقَالَ ‏ "‏ إِنْ شِئْتَ فَصُمْ وَإِنْ شِئْتَ فَأَفْطِرْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Hamzah bin 'Amr said:"I used to fast continually at the time of the Messenger of Allah. I said: 'O continually while traveling.' He said: 'If you wish then fast, and if you wish then do not fast
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।