सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 2298

नंबर 2298किताब 22, नंबर 209
أَخْبَرَنَا الرَّبِيعُ بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي عَمْرُو بْنُ الْحَارِثِ، وَاللَّيْثُ، وَذَكَرَ، آخَرَ عَنْ بُكَيْرٍ، عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ يَسَارٍ، عَنْ حَمْزَةَ بْنِ عَمْرٍو الأَسْلَمِيِّ، قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي أَجِدُ قُوَّةً عَلَى الصِّيَامِ فِي السَّفَرِ قَالَ ‏ "‏ إِنْ شِئْتَ فَصُمْ وَإِنْ شِئْتَ فَأَفْطِرْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Hamzah bin 'Amr Al-Aslami said:"O Messenger of Allah, I feel able to fast while traveling." He said: "If you wish then fast and if you wish then do not fast
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।