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सुनन नसाई

नंबर 2288

नंबर 2288किताब 22, नंबर 199
أَخْبَرَنَا الْقَاسِمُ بْنُ زَكَرِيَّا، قَالَ حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ عَمْرٍو، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْثَرٌ، عَنِ الْعَلاَءِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، عَنِ الْحَكَمِ بْنِ عُتَيْبَةَ، عَنْ مُجَاهِدٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ صَامَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم مِنَ الْمَدِينَةِ حَتَّى أَتَى قُدَيْدًا ثُمَّ أَفْطَرَ حَتَّى أَتَى مَكَّةَ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Abbas said:"The Messenger of Allah fasted from Al-Madinah until he came to Qudaid, then he broke his fast until he reached Makkah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।