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सुनन नसाई

नंबर 2250

नंबर 2250किताब 22, नंबर 161
أَخْبَرَنَا مُؤَمَّلُ بْنُ إِهَابٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، وَسُهَيْلُ بْنُ أَبِي صَالِحٍ، سَمِعَا النُّعْمَانَ بْنَ أَبِي عَيَّاشٍ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا سَعِيدٍ الْخُدْرِيَّ، يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ مَنْ صَامَ يَوْمًا فِي سَبِيلِ اللَّهِ تَبَارَكَ وَتَعَالَى بَاعَدَ اللَّهُ وَجْهَهُ عَنِ النَّارِ سَبْعِينَ خَرِيفًا ‏"‏ ‏.‏
Abu Saeed Al-Khudi said:"I heard the Messenger of Allah say: 'Whoever fasts one day in the cause of Allah, Allah will separate his face from the Fire by (a distance of) seventy autumns
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।