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सुनन नसाई

नंबर 2209

नंबर 2209किताब 22, नंबर 120
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا النَّضْرُ بْنُ شُمَيْلٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا الْقَاسِمُ بْنُ الْفَضْلِ، قَالَ حَدَّثَنَا النَّضْرُ بْنُ شَيْبَانَ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، فَذَكَرَ مِثْلَهُ وَقَالَ ‏ "‏ مَنْ صَامَهُ وَقَامَهُ إِيمَانًا وَاحْتِسَابًا ‏"‏ ‏.‏
A similar report was narrated from Abu Salamah and he said:"Whoever fasts it and spends its nights in prayer out of faith and in the hope of reward." (Daif)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।