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सुनन नसाई

नंबर 2175

नंबर 2175किताब 22, नंबर 86
أَخْبَرَنَا شُعَيْبُ بْنُ يُوسُفَ، وَمُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، - وَاللَّفْظُ لَهُ - قَالاَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ سَالِمٍ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ، قَالَتْ مَا رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَصُومُ شَهْرَيْنِ مُتَتَابِعَيْنِ إِلاَّ أَنَّهُ كَانَ يَصِلُ شَعْبَانَ بِرَمَضَانَ ‏.‏
It was narrated from Abu Salamah that Umm Salamah said:"U never saw the Messenger of Allah fast two consecutive months, but he used to join shaban to Ramadan
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।