सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 2169

नंबर 2169किताब 22, नंबर 80
أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، عَنْ مُطَرِّفٍ، عَنِ الشَّعْبِيِّ، عَنْ عَدِيِّ بْنِ حَاتِمٍ، أَنَّهُ سَأَلَ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ قَوْلِهِ تَعَالَى ‏{‏ حَتَّى يَتَبَيَّنَ لَكُمُ الْخَيْطُ الأَبْيَضُ مِنَ الْخَيْطِ الأَسْوَدِ ‏}‏ قَالَ ‏"‏ هُوَ سَوَادُ اللَّيْلِ وَبَيَاضُ النَّهَارِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Adiyy bin Hatim that:he asked the Messenger of Allah about the verse "Until the white thread (light) of dawn appears to you distinct from the black thread (darkness of night)." He said: "It is the blackness of the night and the whiteness of the day
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।