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सुनन नसाई

नंबर 2163

नंबर 2163किताब 22, नंबर 74
أَخْبَرَنَا شُعَيْبُ بْنُ يُوسُفَ، - بَصْرِيٌّ - قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ، عَنْ مُعَاوِيَةَ بْنِ صَالِحٍ، عَنْ يُونُسَ بْنِ سَيْفٍ، عَنِ الْحَارِثِ بْنِ زِيَادٍ، عَنْ أَبِي رُهْمٍ، عَنِ الْعِرْبَاضِ بْنِ سَارِيَةَ، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَهُوَ يَدْعُو إِلَى السَّحُورِ فِي شَهْرِ رَمَضَانَ وَقَالَ ‏ "‏ هَلُمُّوا إِلَى الْغَدَاءِ الْمُبَارَكِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that AL-'Irbad bin Sariyah said:"I heard the Messenger of Allah inviting people to have Sahur in Ramadan. He said: 'Come to the blessed breakfast." (Hasan) Chatper 26. Calling Sahur "Ghada" (Breakfast)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।