सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 2156

नंबर 2156किताब 22, नंबर 67
أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا هِشَامٌ، قَالَ حَدَّثَنَا قَتَادَةُ، عَنْ أَنَسٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ ثَابِتٍ، قَالَ تَسَحَّرْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ثُمَّ قُمْنَا إِلَى الصَّلاَةِ ‏.‏ قُلْتُ زُعِمَ أَنَّ أَنَسًا الْقَائِلُ مَا كَانَ بَيْنَ ذَلِكَ قَالَ قَدْرَ مَا يَقْرَأُ الرَّجُلُ خَمْسِينَ آيَةً ‏.‏
It was narrated from Anas that Zaid bin Thabit said:"We had Sahur with the Messenger of Allah then we went to pray." I (one of the narrators) said: "It is claimed that Anas said: 'How long was there between them?' He said: 'As long as it takes a man to recite fifty verses
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।