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सुनन नसाई

नंबर 2138

नंबर 2138किताब 22, नंबर 49
أَخْبَرَنَا أَبُو دَاوُدَ، قَالَ حَدَّثَنَا هَارُونُ، قَالَ حَدَّثَنَا عَلِيٌّ، - هُوَ ابْنُ الْمُبَارَكِ - قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ الشَّهْرُ يَكُونُ تِسْعَةً وَعِشْرِينَ وَيَكُونُ ثَلاَثِينَ فَإِذَا رَأَيْتُمُوهُ فَصُومُوا وَإِذَا رَأَيْتُمُوهُ فَأَفْطِرُوا فَإِنْ غُمَّ عَلَيْكُمْ فَأَكْمِلُوا الْعِدَّةَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:"The Messenger of Allah said: The month may be twenty-nine days or it may be thirty. When you see it, then stop fasting, and it is obscured from you (too cloudy), then complete the count
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।