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सुनन नसाई

नंबर 2136

नंबर 2136किताब 22, नंबर 47
أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ، عَنْ إِسْمَاعِيلَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سَعْدٍ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ الشَّهْرُ هَكَذَا وَهَكَذَا وَهَكَذَا ‏"‏ ‏.‏ يَعْنِي تِسْعَةً وَعِشْرِينَ ‏.‏ رَوَاهُ يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ وَغَيْرُهُ عَنْ إِسْمَاعِيلَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سَعْدٍ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
It was narrated from Muhammad bin Sad that his father said:"The Messenger of Allah said: "The month is like this and like this and like this,"' meaning twenty-nine. Yahya bin Saeed and others narrated it from Ismail, from Muhammad bin Sad, from the Prophet
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।