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सुनन नसाई

नंबर 2133

नंबर 2133किताब 22, नंबर 44
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ يَزِيدَ، - هُوَ أَبُو بُرَيْدٍ الْجَرْمِيُّ بَصْرِيٌّ - عَنْ بَهْزٍ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ سَلَمَةَ، عَنْ أَبِي الْحَكَمِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ أَتَانِي جِبْرِيلُ عَلَيْهِ السَّلاَمُ فَقَالَ الشَّهْرُ تِسْعٌ وَعِشْرُونَ يَوْمًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Abbas that the Prophet said:"Jibril, peace be upon him, came to me and said: 'The month is twenty-nine days
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।