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सुनन नसाई

नंबर 2121

नंबर 2121किताब 22, नंबर 32
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَلَمَةَ، وَالْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ، قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ، - وَاللَّفْظُ لَهُ - عَنِ ابْنِ الْقَاسِمِ، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ذَكَرَ رَمَضَانَ فَقَالَ ‏ "‏ لاَ تَصُومُوا حَتَّى تَرَوُا الْهِلاَلَ وَلاَ تُفْطِرُوا حَتَّى تَرَوْهُ فَإِنْ غُمَّ عَلَيْكُمْ فَاقْدُرُوا لَهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Umar that the Messenger of Allah mentioned Ramadan and said:"Do not fast until you see the crescent, and do not stop fasting until you see it, and if it is obscured from you (too cloudy), then work it out
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।