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सुनन नसाई

नंबर 2105

नंबर 2105किताब 22, नंबर 16
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا حِبَّانُ بْنُ مُوسَى، - خُرَاسَانِيٌّ - قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ، عَنْ مَعْمَرٍ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا دَخَلَ رَمَضَانُ فُتِّحَتْ أَبْوَابُ الرَّحْمَةِ وَغُلِّقَتْ أَبْوَابُ جَهَنَّمَ وَسُلْسِلَتِ الشَّيَاطِينُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated Az-Zuhri, from Abu Hurairah that the Prophet said:"When Ramadan begins, the gates of mercy are opened and the gates of Hall are closed, and the devils are chained up
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।