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सुनन नसाई

नंबर 2100

नंबर 2100किताब 22, नंबर 11
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ خَالِدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ شُعَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، قَالَ حَدَّثَنِي ابْنُ أَبِي أَنَسٍ، مَوْلَى التَّيْمِيِّينَ أَنَّ أَبَاهُ، حَدَّثَهُ أَنَّهُ، سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ، يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا جَاءَ رَمَضَانُ فُتِّحَتْ أَبْوَابُ الرَّحْمَةِ وَغُلِّقَتْ أَبْوَابُ جَهَنَّمَ وَسُلْسِلَتِ الشَّيَاطِينُ ‏"‏ ‏.‏
Abu Hurairah said:"The Messenger of Allah said: 'When Ramadan comes, the gates of mercy are opened, the gates of Hell are closed, and the devils are chained up
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।