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सुनन नसाई

नंबर 2073

नंबर 2073किताब 21, नंबर 256
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، عَنْ مَالِكٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ كَعْبٍ، أَنَّهُ أَخْبَرَهُ أَنَّ أَبَاهُ كَعْبَ بْنَ مَالِكٍ كَانَ يُحَدِّثُ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنَّمَا نَسَمَةُ الْمُؤْمِنِ طَائِرٌ فِي شَجَرِ الْجَنَّةِ حَتَّى يَبْعَثَهُ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ إِلَى جَسَدِهِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ ‏"‏ ‏.‏
Ka 'b bin Malik used to narrate that the Messenger of Allah said:"The soul of the belevier is (like a bird) flying among the trees of Paradise, until Allah, the Mighty and sublime, sends it back to his body on the Day of Resurrection." (Da 'if)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।