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सुनन नसाई

नंबर 2049

नंबर 2049किताब 21, नंबर 232
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ أَبِي عُبَيْدِ اللَّهِ الْوَرَّاقُ، قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ، عَنْ سَعِيدٍ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنَّ الْعَبْدَ إِذَا وُضِعَ فِي قَبْرِهِ وَتَوَلَّى عَنْهُ أَصْحَابُهُ إِنَّهُ لَيَسْمَعُ قَرْعَ نِعَالِهِمْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Anas that the Prophet said:"when a person is placed in his grave and his companions depart from him, he hears the sound of their sandals
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।