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सुनन नसाई

नंबर 2042

नंबर 2042किताब 21, नंबर 225
أَخْبَرَنَا أَبُو دَاوُدَ، قَالَ حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ صَالِحٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو سَلَمَةَ، وَابْنُ الْمُسَيَّبِ، أَنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ، أَخْبَرَهُمَا ‏:‏ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَعَى لَهُمُ النَّجَاشِيَّ صَاحِبَ الْحَبَشَةِ فِي الْيَوْمِ الَّذِي مَاتَ فِيهِ فَقَالَ ‏:‏ ‏ "‏ اسْتَغْفِرُوا لأَخِيكُمْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah:Said that the Messenger of Allah announced the death of An-Najashi, the ruler of Ethiopia, to them on the day that he died, and said "Pray for forgiveness for your brother
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।