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सुनन नसाई

नंबर 1979

नंबर 1979किताब 21, नंबर 162
أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ، وَالْفَضْلُ بْنُ مُوسَى، ح وَأَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ، عَنْ حُسَيْنٍ الْمُكْتِبِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ بُرَيْدَةَ، عَنْ سَمُرَةَ بْنِ جُنْدُبٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم صَلَّى عَلَى أُمِّ فُلاَنٍ مَاتَتْ فِي نِفَاسِهَا فَقَامَ فِي وَسَطِهَا ‏.‏
It was narrated from Samurah bin Jundab:That the Messenger of Allah offered the funeral prayer for a mother who had died in childbirth, and he stood in line with her middle
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।