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सुनन नसाई

नंबर 1972

नंबर 1972किताब 21, नंबर 155
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، قَالَ أَنْبَأَنَا مَعْمَرٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنِ ابْنِ الْمُسَيَّبِ، وَأَبِي، سَلَمَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ نَعَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم النَّجَاشِيَّ لأَصْحَابِهِ بِالْمَدِينَةِ فَصَفُّوا خَلْفَهُ فَصَلَّى عَلَيْهِ وَكَبَّرَ أَرْبَعًا ‏.‏ قَالَ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ ابْنُ الْمُسَيَّبِ إِنِّي لَمْ أَفْهَمْهُ كَمَا أَرَدْتَ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:"The Messenger of Allah announced the death of An-Najashi to his Companions in Al-Madinah, so they formed rows behind him and he offered the funeral prayer for him, saying the Takbir four times
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।