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सुनन नसाई

नंबर 1920

नंबर 1920किताब 21, नंबर 103
أَخْبَرَنِي أَيُّوبُ بْنُ مُحَمَّدٍ الْوَزَّانُ، قَالَ حَدَّثَنَا مَرْوَانُ، قَالَ حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ حَكِيمٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي خَارِجَةُ بْنُ زَيْدِ بْنِ ثَابِتٍ، عَنْ عَمِّهِ، يَزِيدَ بْنِ ثَابِتٍ أَنَّهُمْ كَانُوا جُلُوسًا مَعَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَطَلَعَتْ جَنَازَةٌ فَقَامَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَقَامَ مَنْ مَعَهُ فَلَمْ يَزَالُوا قِيَامًا حَتَّى نَفَذَتْ ‏.‏
It was narrated form Yazid bin Thabit:That they were sitting with the Messenger of Allah when a funeral appeared. The Messenger of Allah stood up, and those who were with him stood up, until it had passed by
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।