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सुनन नसाई

नंबर 1911

नंबर 1911किताब 21, नंबर 94
أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ، عَنْ يُونُسَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو أُمَامَةَ بْنُ سَهْلٍ، أَنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ أَسْرِعُوا بِالْجَنَازَةِ فَإِنْ كَانَتْ صَالِحَةً قَدَّمْتُمُوهَا إِلَى الْخَيْرِ وَإِنْ كَانَتْ غَيْرَ ذَلِكَ كَانَتْ شَرًّا تَضَعُونَهُ عَنْ رِقَابِكُمْ ‏"‏ ‏.‏
Abu Hurairah said:"I heard the Messenger of Allah say: ,Hsten with the Janazah, for if it was righteous then you are taking it toward something good, and if it was otherwise, then it is an evil of which you are relieving yourselves
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।