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सुनन नसाई

नंबर 1875

नंबर 1875किताब 21, नंबर 58
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ مَالِكٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ سَعِيدٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ يَمُوتُ لأَحَدٍ مِنَ الْمُسْلِمِينَ ثَلاَثَةٌ مِنَ الْوَلَدِ فَتَمَسَّهُ النَّارُ إِلاَّ تَحِلَّةَ الْقَسَمِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Messenger of Allah said:"No Muslim, three of whose children die, will be touched by the Fire, except in fulfillment of the (Divine) oath
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।