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सुनन नसाई

नंबर 1866

नंबर 1866किताब 21, नंबर 49
أَخْبَرَنَا عَبْدَةُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، قَالَ حَدَّثَنَا إِسْرَائِيلُ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ أَوْسٍ، عَنْ أُمِّ عَبْدِ اللَّهِ، امْرَأَةِ أَبِي مُوسَى عَنْ أَبِي مُوسَى، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لَيْسَ مِنَّا مَنْ حَلَقَ وَسَلَقَ وَخَرَقَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Umm 'Abdullah, the wife of Abu Musa, that Abu Musa said:"The Messenger of Allah said: 'He is not one of us who shaves his head, raises his voice in lamentation or rends his garments
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।