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सुनन नसाई

नंबर 1831

नंबर 1831किताब 21, नंबर 14
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ آخِرُ نَظْرَةٍ نَظَرْتُهَا إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَشَفَ السِّتَارَةَ وَالنَّاسُ صُفُوفٌ خَلْفَ أَبِي بَكْرٍ رضى الله عنه فَأَرَادَ أَبُو بَكْرٍ أَنْ يَرْتَدَّ فَأَشَارَ إِلَيْهِمْ أَنِ امْكُثُوا وَأَلْقَى السِّجْفَ وَتُوُفِّيَ مِنْ آخِرِ ذَلِكَ الْيَوْمِ وَذَلِكَ يَوْمُ الاِثْنَيْنِ ‏.‏
अनस- रज़ियल्लाहु अन्हु- से वर्णित है वह कहते हैं कि सबसे अंतिम दृष्टि जो मैंने अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की ओर डाली थी वह यह थी कि आप ने पर्दा हटाया जब्कि लोग अबू बकर- रज़ियल्लाहु अन्हु- के पीछे पंक्तियों में खड़े थे, तो अबू बकर ने चाहा कि पीछे हट जाएं, आप ने उन की ओर इशारा किया कि अपने स्थान पर टिके रहो तत्पश्चात आप ने पर्दा गिरा दिया, आप की मृत्यु उसी दिन दिन के अंतिम भाग में हुई जो कि सोमवार का दिन था।

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।