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सुनन नसाई

नंबर 1683

नंबर 1683किताब 20, नंबर 86
أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ فَضَالَةَ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا مُحَمَّدٌ، - وَهُوَ ابْنُ الْمُبَارَكِ - قَالَ حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ، - وَهُوَ ابْنُ سَلاَّمِ بْنِ أَبِي سَلاَّمٍ - عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي أَبُو نَضْرَةَ الْعَوَقِيُّ، أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا سَعِيدٍ الْخُدْرِيَّ، يَقُولُ سُئِلَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنِ الْوَتْرِ فَقَالَ ‏ "‏ أَوْتِرُوا قَبْلَ الصُّبْحِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Nadrah Al-'Awaqi narrated that he heard Abu Sa'eed Al-Khudri say:"The Messenger of Allah (ﷺ) was asked about witr and he said: 'Pray witr before dawn (Subh)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · The Book of Qiyam Al-Lail (The Night Prayer) and Voluntary Prayers During the Day

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।