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सुनन नसाई

नंबर 1636

नंबर 1636किताब 20, नंबर 39
أَخْبَرَنَا يَحْيَى بْنُ حَبِيبِ بْنِ عَرَبِيٍّ، وَإِسْمَاعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا مُعْتَمِرٌ، قَالَ سَمِعْتُ أَبِي قَالَ، سَمِعْتُ أَنَسًا، يَقُولُ أَخْبَرَنِي بَعْضُ، أَصْحَابِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم لَيْلَةَ أُسْرِيَ بِهِ مَرَّ عَلَى مُوسَى عَلَيْهِ السَّلاَمُ وَهُوَ يُصَلِّي فِي قَبْرِهِ ‏.‏
Mu'tamir said:"I heard my father say: I heard Anas say: 'One of the companions of the Prophet (ﷺ) told me that on the Night Journey, the Prophet (ﷺ) passed by Musa, peace be upon him, and he was praying in his grave
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · The Book of Qiyam Al-Lail (The Night Prayer) and Voluntary Prayers During the Day

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।