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सुनन नसाई

नंबर 1609

नंबर 1609किताब 20, नंबर 12
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ عَبْدِ الصَّمَدِ، قَالَ حَدَّثَنَا مَنْصُورٌ، عَنْ أَبِي وَائِلٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّ رَجُلاً، قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ فُلاَنًا نَامَ عَنِ الصَّلاَةِ الْبَارِحَةَ حَتَّى أَصْبَحَ ‏.‏ قَالَ ‏ "‏ ذَاكَ شَيْطَانٌ بَالَ فِي أُذُنَيْهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abdullah said:"A man said: 'O Messenger of Allah (ﷺ). So-and-so slept and missed the prayer yesterday until morning came.' He said: 'The Shaitan has urinated in that one's ears
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · The Book of Qiyam Al-Lail (The Night Prayer) and Voluntary Prayers During the Day

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।