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सुनन नसाई

नंबर 325

नंबर 325किताब 2, नंबर 1
أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ سِمَاكٍ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ بَعْضَ، أَزْوَاجِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم اغْتَسَلَتْ مِنَ الْجَنَابَةِ فَتَوَضَّأَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم بِفَضْلِهَا فَذَكَرَتْ ذَلِكَ لَهُ فَقَالَ ‏ "‏ إِنَّ الْمَاءَ لاَ يُنَجِّسُهُ شَىْءٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Abbas that one of the wives of the Prophet (ﷺ) performed Ghusl from Janabah, and the Prophet (ﷺ) performed Wudu' with her leftover water. She mentioned that to him and he said:"Water is not made impure by anything." [1] [1] See the following versions
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · The Book of Water

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।