أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، عَنْ مَعْمَرٍ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم دَخَلَ عَلَيْهَا وَعِنْدَهَا جَارِيَتَانِ تَضْرِبَانِ بِدُفَّيْنِ فَانْتَهَرَهُمَا أَبُو بَكْرٍ فَقَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم " دَعْهُنَّ فَإِنَّ لِكُلِّ قَوْمٍ عِيدًا " .
It was narrated from 'Aishah that:The Messenger of Allah (ﷺ) entered upon her and there were two girls with her who were beating the duff. Abu Bakr scolded them, but the Prophet (ﷺ) said: "Leave them, for every people has an 'Eid
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAbu Ghuddah
SahihAl-Albani
Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।