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सुनन नसाई

नंबर 1561

नंबर 1561किताब 19, नंबर 6
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ مَنْصُورٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنِ الأَشْعَثِ، عَنِ الأَسْوَدِ بْنِ هِلاَلٍ، عَنْ ثَعْلَبَةَ بْنِ زَهْدَمٍ، أَنَّ عَلِيًّا، اسْتَخْلَفَ أَبَا مَسْعُودٍ عَلَى النَّاسِ فَخَرَجَ يَوْمَ عِيدٍ فَقَالَ يَا أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّهُ لَيْسَ مِنَ السُّنَّةِ أَنْ يُصَلَّى قَبْلَ الإِمَامِ ‏.‏
It was narrated from Tha'labah bin Zahdam that:'Ali appointed Abu Mas'ud over the people, then went out on the day of 'Eid and said: 'O people, it is not part of the sunnah to pray before the imam
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 19 · The Book of the Prayer for the Two 'Eids

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।