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सुनन नसाई

नंबर 1509

नंबर 1509किताब 17, नंबर 6
أَخْبَرَنِي عَمْرُو بْنُ عُثْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، عَنِ ابْنِ أَبِي ذِئْبٍ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عَبَّادِ بْنِ تَمِيمٍ، أَنَّ عَمَّهُ، حَدَّثَهُ أَنَّهُ، خَرَجَ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَسْتَسْقِي فَحَوَّلَ رِدَاءَهُ وَحَوَّلَ لِلنَّاسِ ظَهْرَهُ وَدَعَا ثُمَّ صَلَّى رَكْعَتَيْنِ فَقَرَأَ فَجَهَرَ ‏.‏
It was narrated from Abbad bin Tamim that :His paternal uncle had told him that he went out with the Messenger of Allah (ﷺ) to pray for rain. He turned his rida' around, and turned his back to the people, then he prayed two rak'ahs and recited loudly
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 17 · The Book of Praying for Rain (Al-Istisqa')

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।