सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 1462

नंबर 1462किताब 16, नंबर 4
أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ إِسْمَاعِيلَ، قَالَ حَدَّثَنِي قَيْسٌ، عَنْ أَبِي مَسْعُودٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏‏ "‏‏ إِنَّ الشَّمْسَ وَالْقَمَرَ لاَ يَنْكَسِفَانِ لِمَوْتِ أَحَدٍ وَلَكِنَّهُمَا آيَتَانِ مِنْ آيَاتِ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّ فَإِذَا رَأَيْتُمُوهُمَا فَصَلُّوا ‏‏"‏‏ ‏‏.‏‏
It was narrated that Abu Mas'ud said:"The Messenger of Allah (ﷺ) said: "The sun and the moon do not become eclipsed for the death or birth of anyone, rather they are two of the signs of Allah (SWT), the Mighty and Sublime, so when you see that then pray
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book of Eclipses

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।