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सुनन नसाई

नंबर 1412

नंबर 1412किताब 14, नंबर 49
أَخْبَرَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ، قَالَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ حُصَيْنٍ، أَنَّ بِشْرَ بْنَ مَرْوَانَ، رَفَعَ يَدَيْهِ يَوْمَ الْجُمُعَةِ عَلَى الْمِنْبَرِ فَسَبَّهُ عُمَارَةُ بْنُ رُوَيْبَةَ الثَّقَفِيُّ وَقَالَ مَا زَادَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَلَى هَذَا وَأَشَارَ بِأُصْبُعِهِ السَّبَّابَةِ ‏.‏
It was narrated from Sufyan bin Husain that :Bishr bin Marwan raised his hands on Friday on the minbar, and 'Umarah bin Ruwaibah condemned him and said: "The Messenger of Allah (ﷺ) did no more than this,' and he pointed with his forefinger
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 14 · The Book of Jumu'ah (Friday Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।