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सुनन नसाई

नंबर 1383

नंबर 1383किताब 14, नंबर 20
أَخْبَرَنِي هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ سَوَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، عَنْ سَعِيدٍ، عَنْ أَبِي بَكْرِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ، أَنَّ عَمْرَو بْنَ سُلَيْمٍ، أَخْبَرَهُ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي سَعِيدٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنَّ الْغُسْلَ يَوْمَ الْجُمُعَةِ عَلَى كُلِّ مُحْتَلِمٍ وَالسِّوَاكَ وَأَنْ يَمَسَّ مِنَ الطِّيبِ مَا يَقْدِرُ عَلَيْهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Abdur-Rahman bin Abi Sa'eed, from his father, that:The Messenger of Allah (ﷺ) said: "Ghusl should be performed on Friday by everyone who has reached the age of puberty, and using the siwak, and he should put on whatever he is able of using perfume
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 14 · The Book of Jumu'ah (Friday Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।