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सुनन नसाई

नंबर 1380

नंबर 1380किताब 14, नंबर 17
أَخْبَرَنَا أَبُو الأَشْعَثِ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ زُرَيْعٍ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ سَمُرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ تَوَضَّأَ يَوْمَ الْجُمُعَةِ فَبِهَا وَنِعْمَتْ وَمَنِ اغْتَسَلَ فَالْغُسْلُ أَفْضَلُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْحَسَنُ عَنْ سَمُرَةَ كِتَابًا وَلَمْ يَسْمَعِ الْحَسَنُ مِنْ سَمُرَةَ إِلاَّ حَدِيثَ الْعَقِيقَةِ وَاللَّهُ تَعَالَى أَعْلَمُ ‏.‏
It was narrated that Samurah said:"The Messenger of Allah (ﷺ) said: 'Whoever performs wudu' on Friday, that is all well and good, but whoever performs Ghusl, the Ghusl is better
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 14 · The Book of Jumu'ah (Friday Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।