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सुनन नसाई

नंबर 1378

नंबर 1378किताब 14, नंबर 15
أَخْبَرَنَا حُمَيْدُ بْنُ مَسْعَدَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا بِشْرٌ، قَالَ حَدَّثَنَا دَاوُدُ بْنُ أَبِي هِنْدٍ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ عَلَى كُلِّ رَجُلٍ مُسْلِمٍ فِي كُلِّ سَبْعَةِ أَيَّامٍ غُسْلُ يَوْمٍ وَهُوَ يَوْمُ الْجُمُعَةِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Jabir said:"The Messenger of Allah (ﷺ) said: 'Every Muslim man has to perform Ghusl one day in every seven, and that is on Friday
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 14 · The Book of Jumu'ah (Friday Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।