أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنِ السُّدِّيِّ، قَالَ سَأَلْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ كَيْفَ أَنْصَرِفُ إِذَا صَلَّيْتُ عَنْ يَمِينِي، أَوْ عَنْ يَسَارِي، قَالَ أَمَّا أَنَا فَأَكْثَرُ، مَا رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَنْصَرِفُ عَنْ يَمِينِهِ .
It was narrated that As-Suddi said:"I asked Anas bin Malik: 'How should I leave after I have prayed- to the right or to the left?' He said: 'I usually saw the Messenger of Allah (ﷺ) leave to the right
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAbu Ghuddah
SahihAl-Albani
Sahih MuslimZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।