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सुनन नसाई

नंबर 1317

नंबर 1317किताब 13, नंबर 139
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا أَبُو عَامِرٍ الْعَقَدِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ جَعْفَرٍ الْمَخْرَمِيُّ، عَنْ إِسْمَاعِيلَ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ سَعْدٍ، عَنْ عَامِرِ بْنِ سَعْدٍ، عَنْ سَعْدٍ، قَالَ كُنْتُ أَرَى رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يُسَلِّمُ عَنْ يَمِينِهِ وَعَنْ يَسَارِهِ حَتَّى يُرَى بَيَاضُ خَدِّهِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ جَعْفَرٍ هَذَا لَيْسَ بِهِ بَأْسٌ وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ جَعْفَرِ بْنِ نَجِيحٍ وَالِدُ عَلِيِّ بْنِ الْمَدِينِيِّ مَتْرُوكُ الْحَدِيثِ ‏.‏
It was narrated that Sa'd said:"I used to see the Messenger of Allah (ﷺ) saying the taslim to his right and to his left until the whiteness of his cheek could be seen
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Forgetfulness (In Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।