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सुनन नसाई

नंबर 1258

नंबर 1258किताब 13, नंबर 80
أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنِ الْحَسَنِ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، أَنَّ عَلْقَمَةَ، صَلَّى خَمْسًا فَلَمَّا سَلَّمَ قَالَ إِبْرَاهِيمُ بْنُ سُوَيْدٍ يَا أَبَا شِبْلٍ صَلَّيْتَ خَمْسًا ‏.‏ فَقَالَ أَكَذَلِكَ يَا أَعْوَرُ فَسَجَدَ سَجْدَتَىِ السَّهْوِ ثُمَّ قَالَ هَكَذَا فَعَلَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
It was narrated that Ibrahim said:"Alqamah prayed five (rak'ahs) and when he said the taslim, Ibrahim bin Suwaid said : 'O Abu Shibl, you prayed five!' He said: 'Is that true, O odd-eyed one?' Then he prostrated two prostrations of forgetfulness, then he said: 'This is what the Messenger of Allah (ﷺ) did
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Forgetfulness (In Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।