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सुनन नसाई

नंबर 1255

नंबर 1255किताब 13, नंबर 77
أَخْبَرَنَا عَبْدَةُ بْنُ عَبْدِ الرَّحِيمِ، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ شُمَيْلٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا شُعْبَةُ، عَنِ الْحَكَمِ، وَمُغِيرَةَ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ عَلْقَمَةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ صَلَّى بِهِمُ الظُّهْرَ خَمْسًا فَقَالُوا إِنَّكَ صَلَّيْتَ خَمْسًا ‏.‏ فَسَجَدَ سَجْدَتَيْنِ بَعْدَ مَا سَلَّمَ وَهُوَ جَالِسٌ ‏.‏
It was narrated from 'Abdullah that:The Prophet (ﷺ) led them in praying Zuhr with five (rak'ahs). They said: 'You prayed five.' So he prostrated twice after he had said the taslim, while he was sitting
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Forgetfulness (In Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।