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सुनन नसाई

नंबर 1250

नंबर 1250किताब 13, नंबर 72
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ، قَالَ ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُسَافِعٍ، أَنَّ مُصْعَبَ بْنَ شَيْبَةَ، أَخْبَرَهُ عَنْ عُتْبَةَ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ الْحَارِثِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ جَعْفَرٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ شَكَّ فِي صَلاَتِهِ فَلْيَسْجُدْ سَجْدَتَيْنِ بَعْدَ مَا يُسَلِّمُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Abdullah bin Ja'far that :The Messenger of Allah (ﷺ) said: "Whoever has doubt during his prayer, let him prostrate twice after he said the taslim
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Forgetfulness (In Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।