सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 1245

नंबर 1245किताब 13, नंबर 67
أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنِ الْحَكَمِ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا وَائِلٍ، يَقُولُ قَالَ عَبْدُ اللَّهِ مَنْ أَوْهَمَ فِي صَلاَتِهِ فَلْيَتَحَرَّ الصَّوَابَ ثُمَّ يَسْجُدْ سَجْدَتَيْنِ بَعْدَ مَا يَفْرُغُ وَهُوَ جَالِسٌ ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah said:"Whoever us not sure about his prayer, then let him estimate what is correct, then let him prostrate twice after he finished his prayer, while he is sitting
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Forgetfulness (In Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।