सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 1234

नंबर 1234किताब 13, नंबर 56
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ سَوَّادِ بْنِ الأَسْوَدِ، قَالَ أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَمْرُو بْنُ الْحَارِثِ، قَالَ حَدَّثَنَا قَتَادَةُ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِمِثْلِهِ ‏.‏
Narrated from Abu Hurairah:A similar report was narrated from Abu Hurairah from the Messenger of Allah (ﷺ)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Forgetfulness (In Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।