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सुनन नसाई

नंबर 1223

नंबर 1223किताब 13, नंबर 45
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ هُرْمُزَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ ابْنِ بُحَيْنَةَ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ قَامَ فِي الصَّلاَةِ وَعَلَيْهِ جُلُوسٌ فَسَجَدَ سَجْدَتَيْنِ وَهُوَ جَالِسٌ قَبْلَ التَّسْلِيمِ ‏.‏
It was narrated from 'Abdullah bin Buhainah that:The Messenger of Allah (ﷺ) stood up during the prayer when he should have sat, so he prostrated twice while sitting, before the taslim
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Forgetfulness (In Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।